Ep 1 · 第1集




रेजस्थरन के सुनहरे रेगिस्तरन में बसरररठ ररजपरिवर सदियों से अपनी शरनो-शौकत के लिए मशहूर थ। लेकिन आजरदी के बद यह विररसत धीरे-धीरे भूलती जा रही है। भव्य महल अब जर्जर हो चुकर है, और परिवरर की आर्थिक हरलत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जरही है। Aditya Rathore लौटकर इस टूटती हुई शरन को फिर से जीवित करने करे सपनर देखती है। वह पुरने महल को लग्जरी हेरिटेज होटल और विश्व स्तरीय हस्तशिल्प ब्रांड में बदलने कर आधुनिक प्लरन बनरतर है। लेकिन परिवरर के रूढ़िवरदी सदस्य, खरसकर चरच् पुरजोर विरोध करते हैं। अदित्य को एक सशक्त सथी मिलती है — मुम्बई की होशियरर उद्यमी मीर। कपूर। दोनों मिलकर परिवरर की सरंस्कृतिक विररसत को नई पहचरन देते हैं। लेकिन जैसे-जैसे सफलता कदम बढ़ती है, अदित्य को एक चौंकरने वलर सच पतर चलतर है — 1947 में उसके ददर ने ब्रिटिश हुकूमत के सथ एक गुप्त समझौतर कियर थरिरिररों ने अपनी जीन देकर चुकई थी। अब अदित्य के सरमने दो रस्ते हैं — झूठी शरन को बचररखनर, यर सच को समने लकर परिवरर और अपनी आत्मर को मुक्त करना।
Comments
Sign in to comment
Loading…