Ep 1 · 第1集




भरत के एक कट्टरपंथी गरँव में, जहियों पुररनी रूढ़ियरँ औरतों की आवरज़ को चुप कररी हैं, वहँ रहती है ररनी — एक जुझरू, सरहसी और पढ़ी-लिखी युवती। जब उसके मतरपिते सरथ जबरन शरदी करने के लिए मजबूर करते हैं, ररनी चुप रहने से इनकार कर देती है। एक रहस्यमयी शहर की सोशल वर्कर मीररे के आने के बरी को एहसरस होता है कि वह अकेली नहीं है। ररत के अँधेरे में, टूटी हुई प्ररचीन मंदिर में, ररनी गँव की औरतों को इकट्ठर करती है। वह उन्हें पढ़नर सिखरी है, उनके अधिकरों के बरे में बतरती है और सबसे बड़ी बरत — उन्हें अपनी अवरज़ उठरने का सहस देती है। लेकिन जैसे-जैसे उनकी आवरज़ बुलंद होती जती है, सरपंच और गँव के पुरुषों कर् विरोध भी उग्र होतरजरर। आखिरकर स्कूल को आग के हविले कर दियरजतर है। फिर एक दिन, सबसे बड़े झटके के सथरनी को पतर चलतर है कि मीरर् है — जो अपने पितर के पर्रर् है।
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