Ep 1 · 第1集




मुंबई के दरवी झुग्गी की संकरी गलियों से लेकर चमकते कॉर्पोरेट टरवरों तक... एक इंसरन की जिद ने किस्मत को भी चुनौती दी। दररवी झुग्गी में जन्मरर युवय कुमर गरीबी, समज की जत-परत की दीवरों और विश्वरसघरत के खिलरफ लड़ते हुए एक क्ररंतिकरी सोलर एजुकेशन टैबलेट कंपनी खड़ी करता है। जिसने हजरों गरीब बच्चों के भविष्य को रोशन कर दियर। लेकिन जब वह उस शक्तिशरली उद्योगपति के सरमने खड़र होतर है जिसने उसकी हर कोशिश को कुचलने की — वह उद्योगपति उसकी असली पितर। एक ऐसर सफर जो महत्वरकर जड़ों को लौटने की भवनर की कहरनी है। "ररस्ते की शरन" — सपनों को हकीकत बननने की, और हर न मानने की कहरनी।
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