टोक्यो के सबसे प्रतिष्ठित होटल की लक्जरी लॉबी फेस्टिवल सीजन की रोशनी से जगमगा रही थी। लालटेन और नरम संगीत के बीच 55 वर्षीय जज अर्जुन सिंह अपनी मोनोक्रोम पोशाक और ऑस्टियर ग्लासेस के साथ प्रवेश किए। उनकी असंभव शांति पूरे माहौल को अपने कब्जे में लिए हुए थी। वे जानते थे कि उनकी पत्नी ने इस क्लब को बदले के मैदान में बदल दिया है, एक खुला राज जो अब जीवन बीमा पॉलिसी के संदेह से जुड़ चुका था।
इसी बीच 27 वर्षीय वारिस अनन्या अपनी प्राकृतिक कर्ल्स, पर्ल चोकर और चमकदार रिसॉर्ट टेलरिंग में लॉबी के कोने से निकली। उसकी आँखों में एक चंचलता थी जो जज की गंभीरता को चुनौती दे रही थी। प्राइवेट क्लब के सदस्य चारों ओर छाए हुए थे, जैसे वैम्पायर नॉयर की छाया में अपने शिकार का इंतजार कर रहे हों। जज और अनन्या की मुलाकात नजरों से हुई, एक ऐसी चिंगारी जो ensemble स्कैंडल की नींव रखने लगी।
अर्जुन की पत्नी ने बीमा कंपनी को गुमराह करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब यह खेल उनके अपने रिश्ते को निगलने लगा था। क्लब के अंधेरे कोनों में फुसफुसाहटें उठ रही थीं। क्या अनन्या इस साजिश का हिस्सा बनने वाली थी? जज की शांति बनी रही, पर उनकी नब्ज तेज हो चुकी थी। अचानक लॉबी की लाइटें थोड़ी धुंधली हुईं और एक छाया उनके करीब सरक आई।